cola industry stumped by narendra modis juicy idea for aerated drinks


कोल्ड ड्रिंक में फ्रूट जूस मिलाने पर सहमत नहीं इंडस्ट्री, खारिज किया पीएम मोदी का फॉर्म्युला

नई दिल्ली

स्टार्टअप इंडिया अभियान की शुरुआत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने सॉफ्ट ड्रिंक्स इंडस्ट्री को सुझाव दिया था कि कोल्ड ड्रिंक्स आदि में 2 पर्सेंट हिस्सा नैचरल फ्रूट्स का भी होना चाहिए। इस पर सॉफ्ट ड्रिंक्स इंडस्ट्री ने कहा कि किसी भी प्रॉडक्ट में जूस मिलाने के फॉर्म्युले इस फॉर्मूले को लागू कर पाना एक तरह से असंभव है। स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के दौरान पीएम मोदी ने कहा था, ‘क्यों नहीं कोल्ड ड्रिंक्स आदि में 2% नैचरल जूस मिलाया जा सकता? ऐसा होने पर किसानों को अपने प्रॉडक्ट्स के लिए एक बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा।’
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उन्होंने अपना यह आइडिया तमाम दिग्गज कंपनियों के लिए सीईओज को भी बताया था। कई कंपनियों के अधिकारियों ने इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा कि पीएम का यह सुझाव लागू करने में कई दिक्कतें हैं। प्रस्तावित जीएसटी बिल में सॉफ्ट ड्रिंक्स पर टैक्स बढ़ाए जाने को लेकर इंडस्ट्री पहले ही चिंतित है। हालांकि कुछ कंपनियां नए प्रॉडक्ट्स लॉन्च करने पर विचार कर रही हैं, जिनमें फ्रूट कॉन्टेंट होगा। कोका कोला के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘हमारे मौजूदा सभी प्रॉडक्ट्स में फ्रूट जूस मिला पाना असंभव होगा। यह हमारे ट्रेडमार्क फॉर्म्युला के खिलाफ है।’ अधिकारी ने कहा कि हालांकि हम फ्रूट जूस से बनने वाले कुछ प्रॉडक्ट्स को लॉन्च करने के काम में जुटे हैं।
मैन्युफैक्चरर्स एफएसएसएआई के एक नियम को लेकर भी चिंतित हैं, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि ड्रिंक्स में 10 पर्सेंट हिस्सा फ्रूट जूस का होना चाहिए। सिर्फ नींबू ड्रिंक में फ्रूट जूस की मात्रा 5 पर्सेंट रखने की बात कही गई है। कंपनी के एक और अधिकारी ने कहा, ‘यदि एफएसएसएआई अपने नियमों में बदलाव नहीं करती है और हमें 5 पर्सेंट फ्रूट जूस भी मिलाना पड़ा तो कीमतों में इजाफा करना पड़ेगा। इसके अलावा 40% जीएसटी लगाने का प्रस्ताव भी हमारे लिए घातक साबित होगा। इससे उपभोक्ता मूल्य में 20 पर्सेंट तक का इजाफा हो सकता है।’

गौरतलब है कि मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने तंबाकू एवं सॉफ्ट ड्रिंक्स कंपनियों के प्रॉडक्ट्स पर टैक्स बढ़ाने का सुझाव दिया है। फिलहाल इन कंपनियों पर 18% एक्साइज ड्यूटी चार्ज की जाती है। एक अफसर ने कहा, ‘यदि उपरोक्त सभी नियम लागू होते हैं तो सॉफ्ट ड्रिंक्स इंडस्ट्री बीमार हो जाएगी। इसके अलावा ड्रिंक्स में फ्रूट जूस मिलाने से प्रॉडक्ट की आयु भी कम होगी। फिलहाल हमारी ड्रिंक्स तीन चार से छह महीने चलती हैं, लेकिन फ्रूट जूस मिलाने के बाद यह आयु एक से तीन महीने ही रह जाएगी।’

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