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इंफोसिस को मिला GST के लिए IT प्लैटफॉर्म डिवेलप करने का काम


इंफोसिस को गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के लिए टेक्नॉलजी प्लैटफॉर्म डिवेलप और ऑपरेट करने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस हाई प्रोफाइल डील को हासिल करने की रेस में कंपनी ने दूसरी भारतीय आईटी फर्मों और ग्लोबल टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़ा।

 जीएसटी नेटवर्क के चेयरमैन नवीन कुमार ने बताया, ‘यह कॉन्ट्रैक्ट इंफोसिस को मिला है। वह इसे डिवेलप और अगले पांच साल तक ऑपरेट करेगी।’ जीएसटी आईटी सिस्टम पर यूजर्स को रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइल करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, केंद्र और राज्य सहित आरबीआई जैसी संस्थाओं के लिए यह कॉमन एंड शेयर्ड आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का काम भी करेगा। इंफोसिस के प्रवक्ता ने इस मामले में कॉमेन्ट करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, ‘अभी हमें इस कॉन्ट्रैक्ट की आधिकारिक तौर पर सूचना नहीं मिली है। इसलिए हम इस पर कुछ नहीं कह सकते।’ माना जा रहा है कि विप्रो, टीसीएस और टेक महिंद्रा भी इस कॉन्ट्रैक्ट को हासिल करने की रेस में शामिल थीं। इंफोसिस ने इसके लिए 1,380 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।

नए टैक्स सिस्टम को लागू करने के लिए जीएसटी नेटवर्क को मार्च 2013 में बनाया गया था। यह नॉन-प्रॉफिट, नॉन-गवर्नमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। केंद्र सरकार के पास इस कंपनी के 24.5 पर्सेंट शेयर हैं। वहीं, दिल्ली और पुडुचेरी सहित सभी राज्य और एम्पावर्ड कमिटी ऑफ स्टेट फाइनैंस मिनिस्टर्स के पास इसके और 24.5 पर्सेंट शेयर होंगे। बाकी बची हुई 51 पर्सेंट हिस्सेदारी नॉन-गवर्नमेंट फाइनैंशल इंस्टिट्यूशंस की होगी। इस कंपनी को खासतौर पर इसलिए बनाया गया था ताकि जीएसटी को लागू करने के लिए केंद्र, राज्य सरकारों, टैक्सपेयर्स और दूसरे स्टेकहोल्डर्स को वह आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विसेज दे सके।

Link :- http://navbharattimes.indiatimes.com/business/business-news/infosys-bags-contract-to-develop-it-platform-for-gst/articleshow/49053956.cms?utm_source=facebook.com&utm_medium=referral&utm_campaign=infosys220915

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राज्यसभा में सत्तारूढ़ एनडीए के पास बहुमत नहीं है। केंद्र और राज्य स्तर पर कई तरह के इनडायरेक्ट टैक्स के बदले जीएसटी को लागू करने की योजना बनाई गई है। मोदी सरकार ने कहा है कि वह जीएसटी को 1 अप्रैल 2016 से लागू करना चाहती है। हालांकि, कांग्रेस के विरोध के चलते हो सकता है कि वह इस डेडलाइन पर खरी न उतरे।

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीएसटी के आईटी कॉन्ट्रैक्ट के ऐलान से पता चलता है कि सरकार इसे जल्द से जल्द लागू करना चाहती है। इस बारे में केपीएमजी इंडिया के पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, ‘जीएसटी तभी कामयाब होगा, जब इसका आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर सॉलिड हो। मलयेशिया में इस साल अप्रैल में जीएसटी को लागू किया गया है। उससे भी यह बात सही साबित होती है।’

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